Apr 3, 2015

युवा कितना सजग है.....?                                                                   4-4-2015

सोशल और समाजिक मुद्दों पर युवाओं की राय

आशीष शुक्ला 
गोण्ड़ा - युवा किसी देश का भविष्य है, वह देश के विकास मे पूरी तरह से समलित है, भारत युवाओं का देश है । आज राजनीति मे तरह-तरह के फेरबदल हो रहे हैं, इसपर हमारे देश के युवाओं की सोच क्या है?  इनके विचारों को जानने की कोशिस कर रहे हैं, आशीष शुक्ला।  इनकी युवाओं से बात-चीत के कुछ संपादित अंश—

1 आप देश की राजनीति को किस नजरिये से देखते हैं.....?
राजनीति किसी देश का महत्वपूर्ण अंग है, ऐसा कहा जाए तो गलत नहीं होगा। जाहां तक मै राजनीति को समझता हूं, आज इसकी तस्वीर कुछ धूमिल सी मालूम पड़ती है, सिर्फ चारो तरफ सरकार बनाने की होड है, जन्ता की फिर्क करना राजनेता जैसे भूल गये हैं।

                                  - रवि शुक्ला छात्र साकेत विश्वविद्यालय



2 क्या सरकार के वायदे पूरे होगें.....?

मुझे लगता है कि कुछ वायदे पूरे हो रहे हैं और आगे भी होगें, भारत की राजनीति मे पहली बार इतना बडा उलट-फेर हुआ है।  2014 मे भाजपा सबसे बडी पर्ट्री के रूप मे आई है। हम सबको प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से बहुत उम्मीद है, वह जरूर हमारे लिए अच्छा सोचते होगे।

                             विष्णु त्रिपाठी छात्र साकेत विश्वविद्यालय 

3 आप अपने सासंद के काम से संतुष्ठ हैं.....?
चुनाव के समय हमे बहुत से लोग मिलते हैं और  ग्रामीण निर्माण के लिए तरह-तरह के प्रलोभन दिये जाते हैं, परन्तु जब वह चुना जीत जाते हैं, तो सभी वायदे भूल जाते हैं, कुछ ऐसा यहां भी है। परन्तु और जगहों से स्थिति याहां अच्छी है, ज्यादा काम नहीं हो रहा परन्तु कुछ काम सासंद जी ने अवश्य करना शुरू कर दिया है।

                               ---  सतीश शुक्ला छात्र गांधी विद्यालय

4 आज की राजनीति मे आप क्या बदलाव देख रहे हैं.....?
राजनीति मे सदैव तरह के बदलाव होते रहे हैं, आज भी गतिवत हो रहे हैं। पहले  की राजनीति मे और अब मे बहुत अंतर है। पहले राजनेता जन्ता की भलाई के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते थे, परन्तु आज सभी नेता अपनी जेब भरने मे लगे हैं। आज के नेता लालची स्वभाव के हैं, उन्हें जैसे जन्ता से कोई मतलब ही ना हो।

                               शुभम त्रिपाठी छात्र गांधी विद्यालय

5 देश के प्रधानंत्री के बारे मे आप क्या सोचते हो.....?
सत्ता की चाह और वोट बैंक की राजनीति अब आम मालूम पडती है। जहां तक भारत के प्रधानमंत्री श्री मोदी जी का ख्याल है, उनकी छवि एक साफ-सुथरे नेता की है। गरीबी की भयानक दल-दल से वह निकले हैं, और अपने आपको देश के समक्ष प्रस्तुत किया है। हमे उम्मीद है, कि वह गरीबी, बेरोजगारी को समझते हुए भारत को इस तरह की बड़ी समस्याओं से मुक्त कराने की पूरी कोशिस करेंगे।
       
                                                 अंशुमान शुक्ला छात्र गांधी विद्यालय

6 नेताओं के बारे मे क्या सोचते हैं आप .....?
नेता हमारे देश की सत्ता को चलाता है। जन्ता की परेशानियों को सुनना और उस पर गौर करना नेताओं का काम होता है। परन्तु आज ऐसा बहुत कम ही हो रहा है, उनके पास जब हम मिलने के लिए जाते हैं, तो मिलने नहीं दिया जाता, जिसके चलते हम आये दिन तमाम परेशानियों का सामना करते हैं। पहले और अब के नेताओं मे जमीन आसमान का अंतर नजर आता है।


                                       मुकेश शुक्ला छात्र गांधी विद्यालय


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